करनाल मंडी में धान खरीद का जमीनी सच, किसानों ने उठाए सवाल
मुख्य बातें
- सरकारी खरीद एजेंसियों की मौजूदगी पर सवाल।
- MSP भुगतान के बाद रकम वापस मांगने का गंभीर आरोप।
करनाल अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारी ढेरियों तक नहीं पहुंच रहे, जिससे उन्हें मजबूरी में निजी खरीदारों को MSP से ₹300–₹400 प्रति क्विंटल कम भाव पर धान बेचना पड़ रहा है।
किसान पंकज और राममेहर ने आरोप लगाया कि खाते में MSP के अनुसार भुगतान दिखाया जाता है, जबकि बाद में आढ़ती कथित तौर पर अतिरिक्त राशि वापस मांगता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।